बिना एक्साइज ड्यूटी अदा किये बडे पैमाने पर बिक रही शराब

बीते कई वर्षो से शराब माफियाओ का संचालित हो रहा है यह अवैध धन्धा

84 प्रतिषत एक्साइज ड्यूटी की चोरी कर मालामाल हो रहे है शराब माफिया

कौशाम्बी। शराब माफियाओ का गढ कौशाम्बी बन चुका है और इस जिले की धरती में बडे पैमाने पर बगैर एक्साइज ड्यूटी अदा किये सरकारी देशी शराब बिक रही है खुले आम अवैध शराबो की बिक्री की भनक आबकारी विभाग को है लेकिन शराब माफियाओ पर अभी तक कार्यवाही नही हो सकी है। जिससे सरकार को भारी भरकम राजस्व का नुकसान उठाना पड रहा है।

बगैर एक्साइज ड्यूटी अदा किये देशी शराब की जिले में बिक्री का यह खेल नया नही है बीते कई वर्षो से शराब माफिया इस धन्धे को बढावा दे रहे है। बगैर एक्साइज ड्यूटी अदा किये देशी शराब की बिक्री के मामले में शराब के थोक विक्रेता सीएलटू के लाइसेन्सी ठेकेदारो की अहम भूमिका है। लेकिन एक्साइज ड्यूटी की चोरी कर शराब बिक्री के इस खेल को अभी तक रोकने का प्रयास नही हो सका है।

गौरतलब है कि देशी शराब की बिक्री के कुल मूल्य का 84 प्रतिशत हिस्सा एक्साइज ड्यूटी के नाम पर सरकार खजाने में जमा कराती है और शराब बिक्री का 16 प्रतिशत हिस्सा ही शराब कम्पनियों तक पहुच पाता है इसी 16 प्रतिशत हिस्से से शराब बनाने में आने वाले खर्च से लेकर सीसी बोतल,रैपर तक का खर्च कम्पनी को उठाना पडता है। इसी 16 प्रतिशत के हिस्से से कम्पनी को सीएलटू के ठेकेदारो तक शराब पहुचाने में आने वाले ट्रासपोर्ट खर्च को भी उठाना पडता है इतना ही नही सीएलटू और कस्बे कस्बे मे मौजूद शराब के लाइसेन्सी दुकानदारो का कमीशन भी इसी 16 प्रतिशत में समाहित है जिसके चलते कम्पनी से लेकर सीएलटू और शराब के लाइसेन्सी दुकानदार भी बिना एक्साइज ड्यूटी अदा किये शराब की बिक्री का समर्थन करते है जिससे शराब का यह गोरखधन्धा विभाग के अधिकारियो के साठ गाठ से बीते कई वर्षो से बेखौफ तरीके से फल फूल रहा है।

गौरतलब है कि इन दिनो देशी शराब की पेटी जिसमें 9 लीटर शराब होती है इसकी कीमत 2925 रूपये निर्धारित है और इस रकम से 2443 रूपये एक्साइज ड्यूटी के नाम पर सरकार के खजाने में अदा करना पडता है जिससे शराब के धन्धे में कमायी कम होने से एक्साइज ड्यूटी चोरी का रास्ता माफियाओ ने अख्तियार किया। जो आज फलता फूलता हुआ विशाल वृक्ष का शक्ल ले चुका है।

सूत्रो की माने तो सीएलटू के गोदामो पर औचक निरीक्षक कर एक्साइज ड्यूटी अदा किये गये बिल रजिस्टर में मौजूद शराब से गोदाम का भण्डारण का मिलान कर लिया जाये तो शराब के धन्धे का खेल उजागर होना सम्भव है। लेकिन क्या शराब के इस धन्धे के काले कारनामो को रोककर योगी सरकार राजस्व बढाने की ओर पहल करेगी या माफियाओ का वर्चस्व शराब के धन्धे में इसी तरह कायम रहेगा यह बडा सवाल है।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार से जब बिना एक्साइज ड्यूटी के बिक रही शराब के बाबत बात की गयी तो उनका कहना है कि मेरे संज्ञान में ऐसा नही हो रहा है और यदि ऐसा हो रहा है तो प्रकरण की जॉच करायेगें और साक्ष्य मिलने पर माफियाओ पर कार्यवाही करेगें।