दिल्ली के हरि नगर में एक बंद कमरे से 2 भाइयों की लाशें मिली.

बंद कमरे से तेज दुर्गंध आने के बाद हरि नगर पुलिस स्टेशन को इस संबंध में शिकायत की गई और पुलिस के आने के बाद जब दरवाजा खोला गया तो कमरे की खिड़की में लोहे की रेलिंग में दो भाइयों की लटकी लाशें दिखाई दी.

बंद कमरे से 2 लटकी हुई लाशें मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि यह मकान बाबू लाल के नाम पर है और उसने आशीष कुमार पुत्र मक्खन लाल को किराए पर मकान दे रखा है.


आशीष इस मकान में पिछले 4 महीने से रह रहे थे.

मकान से तेज और असहनीय दुर्गंध आने के बाद आसपास के लोगों ने जब पुलिस स्टेशन में इस संबंध में जानकारी दी तो पुलिस के आने के बाद घर में जाने का रास्ता तलाशा गया, जब कुछ समझ नहीं आया तो पुलिस टीम की मौजूदगी में मकान के मेन गेट को तोड़ा गया.

मकान के अंदर जाने पर 58 साल के आशीष कुमार और छोटे खिड़की में लोहे की रेलिंग पर लटकते पाए गए.

दोनों सगे भाई हैं. लाशें काफी खराब हो चुकी थी. घटनास्थल से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ है.

शवों के पोस्टमार्टम के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेज दिया गया.